Sunday, February 19, 2012

खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये ….

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अपनी बेगुनाही का हरपल गवाह रखिये

खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये

.

दस्तूरन ‘सच’ जब शक के दायरे में हो

हो सके तो ‘झूठ’ को गुमराह रखिये

.

बचना चाहो जो बेवजह के ‘सलाहों’ से

औरों को लिए आप भी सलाह रखिये

.

‘मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही

सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये

.

माना कि किसी को परवाह नहीं आपकी

अपनों के लिए आप तो परवाह रखिये

.

तैनात हैं हर राह पर पत्थरों की ठोकरें

इनके पैनेपन की हरपल थाह रखिये

.

देखिये उन्होंने ‘गुलाम’ की चाल चली है

इसके ऊपर आप अपना ‘बादशाह’ रखिये

30 comments:

देवेन्द्र पाण्डेय said...

मतला, मक्ता दोनो लाज़वाब। सुंदर गज़ल।

अपनी बेगुनाही का हरपल गवाह रखिये
खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये

...वाह!

sushma 'आहुति' said...

बेहतरीन अभिवयक्ति.....

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

नेक सलाहें देती बेहतरीन रचना !

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, सब अनुकरण करने वाली सीखें...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

‘मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही

सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये

.


माना कि किसी को परवाह नहीं आपकी

अपनों के लिए आप तो परवाह रखिये

नेक सलाह देती अच्छी गजल

M VERMA said...

देवेन्द्र पाण्डेय has left a new comment on your post "खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये ….":

मतला, मक्ता दोनो लाज़वाब। सुंदर गज़ल।

अपनी बेगुनाही का हरपल गवाह रखिये
खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये

...वाह!

वन्दना said...

देखिये उन्होंने ‘गुलाम’ की चाल चली है

इसके ऊपर आप अपना ‘बादशाह’ रखिये

गज़ब की भावाव्यक्ति है ………………बेहद उम्दा

Sunil Kumar said...

बहुत खुबसूरत ग़ज़ल दाद तो कुबूल करनी ही होगी ......

M VERMA said...

वन्दना has left a new comment on your post "खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये ….":

देखिये उन्होंने ‘गुलाम’ की चाल चली है

इसके ऊपर आप अपना ‘बादशाह’ रखिये

गज़ब की भावाव्यक्ति है ………………बेहद उम्दा

हरकीरत ' हीर' said...

आप गुलाम हैं या बादशाह हमें नहीं मालूम वर्मा साहब .....
पर ग़ज़ल बादशाह है .....:))

दस्तूरन ‘सच’ जब शक के दायरे में हो

हो सके तो ‘झूठ’ को गुमराह रखिये

.ये नसीहत बड़े काम की है .....:))

vidya said...

वाह सर वाह!!!!

‘मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही
सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये

एक से बढ़ कर एक शेर...
दाद कबूल करें..
सादर.

रश्मि प्रभा... said...

‘मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही

सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये

...waah

dheerendra said...

वाह!!!!!बर्मा जी बहुत अच्छी प्रस्तुति, सुंदर बेह्त्रीन गजल,....

MY NEW POST ...सम्बोधन...

डॉ टी एस दराल said...

माना कि किसी को परवाह नहीं आपकी

अपनों के लिए आप तो परवाह रखिये

बहुत खूब । बढ़िया लिखा है ।

mahendra verma said...

तैनात हैं हर राह पर पत्थरों की ठोकरें
इनके पैनेपन की हरपल थाह रखिये

बेहद खूबसूरत शेरों से सजी बढि़या ग़ज़ल।

Kailash Sharma said...

दस्तूरन ‘सच’ जब शक के दायरे में हो

हो सके तो ‘झूठ’ को गुमराह रखिये

....बहुत खूब! बहुत सटीक सलाह...

kshama said...

अपनी बेगुनाही का हरपल गवाह रखिये

खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये

.

दस्तूरन ‘सच’ जब शक के दायरे में हो

हो सके तो ‘झूठ’ को गुमराह रखिये
Kya baat hai!

मनोज कुमार said...

औरों को लिए आप भी सलाह रखिये
अद्भुत! बहुत शानदार ग़ज़ल जो दिल के साथ साथ दिमाग में भी जगह बनाती है।

Atul Shrivastava said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच
पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

Amrita Tanmay said...

कमाल है सामने तो दिख जाता है खुद को ही देख नहीं पाते..कमाल लिखा है..

veerubhai said...

अपनी बेगुनाही का हरपल गवाह रखिये

खुद पर खुद ही ख़ुफ़िया निगाह रखिये
सुन्दरम मनोहरं .एक से बढ़के एक अश आर .

निवेदिता श्रीवास्तव said...

देखिये उन्होंने ‘गुलाम’ की चाल चली है

इसके ऊपर आप अपना ‘बादशाह’ रखिये
.......बेहतरीन !

दिगम्बर नासवा said...

मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही
सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये ...

बहुत खूब ... नए अंदाज़ के शेर हैं सभी ... सामाजिक सरोकार लिए ... लाजवाब बयानी करते हुवे ... बहुत बधाई ...

.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

बहुत खुबसूरत ग़ज़ल... वाह!
सादर बधाई...

सदा said...

वाह ...बहुत खूब ।

lokendra singh rajput said...

वर्मा जी मजा आ गया।

dheerendra said...

बहुत बढ़िया,...वर्मा जी
बेहतरीन नेक राय देती अच्छी प्रस्तुति,.....

MY NEW POST...आज के नेता...

आशा जोगळेकर said...

‘मौत’ की खबर आम हो इससे पहले ही

सुगबुगा कर जिंदगी की अफवाह रखिये ।

बेहतरीन ।

सुशान्त said...

माना कि किसी को परवाह नहीं आपकी

अपनों के लिए आप तो परवाह रखिये,,,


बहुत ही बढ़िया बात कही मामाजी ,पूरी गज़ल प्रेरणा दायक है |

सुशान्त said...

माना कि किसी को परवाह नहीं आपकी

अपनों के लिए आप तो परवाह रखिये,,,


बहुत ही बढ़िया बात कही मामाजी ,पूरी गज़ल प्रेरणा दायक है |