बुधवार, 23 सितंबर 2026

व्यवस्था दुरुस्त है

 

हम मर्माहत हैं
इस वारदात से।

यकीन मानिए,
व्यवस्था ने
अपनी व्यवस्था
दुरुस्त कर रखी है।

हमने अपने
आई.टी. सेल को
निर्देशित कर रखा है
सोशल मीडिया पर
तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए।

वैसे भी
हमने तैयार कर रखे हैं
हर संभावित वारदात के लिए
दुःख भरे
बयानों की एक सूची।

घटना कोई भी हो,
शब्द हमारे पास तैयार हैं
हम स्तब्ध हैं…”
हम बेहद व्यथित हैं…”
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा…”

व्यक्तिगत रूप से भी
मैं बहुत व्यथित हूँ।

प्रमाण के तौर पर
आप देख सकते हैं
ये गीले तकिए,

जिन पर सिर रखकर
सोते हुए भी
मैं सुबक रहा था।

हाँ,
सुबह उठकर
आँखें भी पोंछी थीं मैंने

फिर
फाइलों पर दस्तखत किए,
प्रेस को बयान दिया
और अगले दुःख के लिए
अपना तकिया
फिर से तैयार कर लिया।

व्यवस्था दुरुस्त है।


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