नेतवन के कारण चहु ओर त तबाही बा
लुट
गयल देश मगर शौक राजशाही बा।
ओनके
बदे सजेला छप्पन भोग क थरिया
हमनी खातिर कडुवा तेलवो* क मनाही बा।
महलन
में बा सतरंगी अँजोरिया क नदिया
झोपडी
में ढेबरी जलावे के भी कोताही बा।
भूख
से बेहाल जनता पूछत बाटे चुपके से,
ई
कइसन रामराज, कइसन बादशाही बा।
ओनकर
हर गलती पर परदा पड़ल रहेला,
गरीब
गुरबा के संसवो पर भी उगाही बा।
धरम
के नाम पे बाँट देहला अंग्रेजन जइसे,
फूट
के सरहद पर अबो तैनात सिपाही बा।
देखा
कतल जेकर भयल ओही बा कातिल
एही बात के बदे त अदालत में गवाही बा।
*थरिया = थाली
*कडुवा तेल = सरसो का तेल
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