रविवार, 7 फ़रवरी 2010

दिल्ली ब्लोगर सम्मेलन : चित्रों की जुबानी

दिल्ली ब्लोगर सम्मेलन में पहुँचने वाला मैं अंतिम सिरे से सबसे पहला था. वार्तालापों से चूका पर चित्रो की जुबानी तो कुछ कह ही सकता हूँ.
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38 टिप्‍पणियां:

Yashwant Mehta "Yash" ने कहा…

bahut aache chitra liye verma ji

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया झांकी. :)

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

इतने सारे चित्र देख कर दिल्ली में न रह पाने का अफसोस हो रहा है।

बेनामी ने कहा…

saare bloggers ek sath!
lucky ho bhai,
isi bahane ek jagah pr vidwano ka 'kumbh'

Yogesh Verma Swapn ने कहा…

kaash! soochna mili hoti, delhi men to hum bhi rahte hain bhai.

अनूप शुक्ल ने कहा…

बहुत खूब!

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून ने कहा…

कुछ को पहचान पाना मुश्किल लगता है.

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

वर्मा जी बहुत खूबसूरत पल थे ये...हमेशा याद रहेंगे...

परमजीत सिहँ बाली ने कहा…

चित्र बहुत अच्छॆ है लेकिन इस के साथ यदि इन के नाम भी लिख दिए जाते तो पहचानने मे आसानी होती।धन्यवाद।

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…

अरे! वाह. यह चित्रमयी रिपोर्टिंग बहुत अच्छी लगी...

अजय कुमार झा ने कहा…

सर आपको इतनी विलंब से सूचना मिलने के बावजूद भी आप पहुंचे ये मेरे लिए बहुत बडी बात थी अगली बार ये गलती नहीं होगी , आपने चित्र का एलबम बडा कर दिया मेरे लिए , और हां आप तो शायद चाय काफ़ी भी नहीं ले सके , अगली बार के लिए ड्यू रहा ।
अजय कुमार झा

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

इन फ़ोटूओं मे हम क्यों नही दिख रहे हैं?:)

रामराम.

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

वर्मा जी नाम मत बतलाइयेगा

नाम तो सबसे पूछेंगे हम

देखते हैं इस बार कौन जीतेंगे


दिल्‍ली में एक हिन्‍दी ब्‍लॉगर भवन

बनवाने का कार्यक्रम हैं

प्रायोजकों की जरूरत है

शीघ्र संपर्क कीजिएगा

जमीन हो तो जमीन

अथवा जमीन देगा कोई

तो बाकी मिल के बनवा दीजिएगा।

तब सदा सुबह दोपहर शाम

दिल्‍ली हिन्‍दी ब्‍लॉगर भवन में

ब्‍लॉगर मिलते रहा करेंगे
फिर पहचानने के लिए

नहीं कहेंगे

पर तब तक सहना होगा

नाम किसका क्‍या है, कहना होगा।

नीरज मुसाफ़िर ने कहा…

वर्मा जी,
परमजीत बाली की बात पर ध्यान दीजिये.
सभी चित्रों के नीचे नाम भी लिख दीजिये, पहचानने मे आसानी हो जायेगी.

राजीव तनेजा ने कहा…

बढ़िया चित्रमय रिपोर्ट

हें प्रभु यह तेरापंथ ने कहा…

congratulations 4 success of blogger's Meet at Delhi....
MAHAVEER B. SEMLANI

Sanjeet Tripathi ने कहा…

badhiya tasveerein, badhai ek bdhiya meet k liye

shikha varshney ने कहा…

badhiya chitr report.

दीपक 'मशाल' ने कहा…

वर्मा सर सुन्दर एल्बम बनाया आपने.. :)
आभार..
जय हिंद...

कडुवासच ने कहा…

.... सिर्फ़ चित्रों से काम चलने बाला नही है एक पोस्ट और लगानी पडेगी!!!!

बेनामी ने कहा…

बहुत बढ़िया चित्रावली

अपने न आ पाने पर अफ़सोस है
खैर, अगली बार फिर कभी

बी एस पाबला

राजकुमार ग्वालानी ने कहा…

दिल्ली में दिल से मिले दिल
और सजी ब्लागरों की महफिल

Anil Pusadkar ने कहा…

अब तो फ़ोटू देख कर ही खुश हो रहें है,जाते तो आप सबसे रूबरू होते।

Sulabh Jaiswal "सुलभ" ने कहा…

हमारे लिए चित्र मिलन अच्छा रहा.

सर्वत एम० ने कहा…

आपने तो तुरंत फुरंत फोटो छाप दी और अपने धर्म से मुक्त हो गए. मुझे जहाँ बहुत लोगों से कायदे से बात न कर पाने, बहुतों से मुलाक़ात न होने का दुःख है, वहीं आपसे ठीक से मिल न सकने का भी बेहद दुःख है. शिकायत नहीं है लेकिन बन्धु मैं तो लखनऊ से आ गया और आप ....! बुरा नहीं मानने का, मुझे व्यस्तताओं-परेशानियों का पूरा अंदाज़ा है. लेकिन समय कम होने और आपसे मिलने का जो सपना था, वो पूरा न होने की खीझ आप पर भी न उतारूं तो किस पर उतारूं?
आप को भी ऐसा ही कुछ लगा ना!

सदा ने कहा…

बेहतरीन चित्रमय प्रस्‍तुति के लिये आभार ।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

वाह वर्मा जी , इतने सारे चित्र !
आपने तो पल भर में सारे पल समेट लिए , मिलन के ।
बहुत खूब।

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत बडिया बधाई आपको

कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹 ने कहा…

sir ji gagar me sagar bhar diya aapne...sunder rchna...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

चित्र और रपट के लिए धन्यवाद!
इस पोस्ट को चर्चा मंच के लिए चुरा लिया गया है!

दीपक 'मशाल' ने कहा…

Sir post to kal hi padh li thi aur jyadatar dekhi hi..:)
aap kaise hain.. ho sake to apna no. de dena.. kabhi aapse margdarshan le liya karoonga..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

चित्रों की ज़ुबानी कह दी आपने मीट की दास्तान.......... सभी चित्र अच्छे लग रहे हैं ...........

Urmi ने कहा…

वर्मा जी बहुत बढ़िया पोस्ट! चित्रों के साथ बहुत ही सुन्दरता से प्रस्तुत किया है आपने !

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी।

Unknown ने कहा…

badhiya hai...

Satish Saxena ने कहा…

सरवत जमाल की तरह मेरी भी यही शिकायत है भाई जी ! सबसे खुल के बात नहीं हो सकी , अगली बार की आशा है है !
सादर

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

@ सतीश सक्‍सेना


खुले में ही थे सब खुल

बस मन के अंदर थे कैद।

anand.editsoft ने कहा…

nice pics check my website https://happyhindi.com/happy-hindi-blog-directory/