सरकार ने मंत्रिमंडल को अपराध के प्रति चिंतित होने का निर्देश दिया. एक हफ्ते की चिंता प्रक्रिया पूरी की गयी. तत्पश्चात एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में बढते अपराध के प्रति आक्रोश प्रस्ताव पास करने के उपरांत अपराध कम करने के लिये भी चिंतन मनन किया गया. अंततोगत्वा बैठक में अपराध पर अंकुश लगाने का रामबाण ढूढ ही लिया गया. जो प्रस्ताव पास हुआ वह निम्नवत है :
१- छिनैती एवम लूट आर्थिक कारणो से होते हैं और पूंजी को चलायमान रखते है, इसलिये इसे व्यापार की श्रेणी में शामिल कर लिया जाये.
२- CCTV कैमरे क्योंकि अपराधो के सबसे बडे प्रमाण होते हैं और आंकडो के सम्वर्धन में सहायक होते है, इसलिये तमाम चौराहो से इन्हे हटा लिया जाये.
३- अदालतो में अपराधो के लम्बित समस्त केस जब तक निपट न जाये नये केस दर्ज ही न किये जाये.
४- डिफाल्टर लोन के कारण बैंको को हुए घाटे को टैक्स बढाकर पूरा किया जाये.
५- समस्त मीडिया कर्मियो को अगले चुनाव में पार्टी टिकट देने का वायदा किया जाये.


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