मत करा तूं जियरा हलकान अम्मा
काहें एतना हो गइलू परेशान अम्मा
छोटकी बेमार बा बाकी सब ठीक हौ
घर में दरार बा बाकी सब ठीक हौ
अबकी छुट्टी मिली त आइब जरूर
हम देत बाई तोहके जबान अम्मा
मत करा तूं जियरा हलकान अम्मा
काहें एतना हो गइलू परेशान अम्मा
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भोरहरी में उठे क आदत तूँ छोड़ा
मीठ बोल-बतिया से सबके तूँ जोड़ा
कब ले बितईबू तूँ दिन मड़ई में
लउटब त बनवाईब मकान अम्मा
मत करा तूं जियरा हलकान अम्मा
काहें एतना हो गइलू परेशान अम्मा
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गिरल बरधा भी उठ जाई हो अम्मा
भर-भर नाद सानी खाई हो अम्मा
सींग आ गयल होई अब त बछवा के
करवाई दीह ओकार नथान अम्मा
मत करा तूं जियरा हलकान अम्मा
काहें एतना हो गइलू परेशान अम्मा

आज उम्र के इस पड़ाव पर माँ के आंचल मे सिर रखने की इच्छा हुई. मेरे लिये भोजपुरी माँ के आंचल से कम नहीं है.