जज़्बात

संस्कारित-सभ्यों के बीच आदमखोर कबीले क्यूं हैं ?

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बुधवार, 7 अप्रैल 2010

छोटकी बेमार बा बाकी सब ठीक हौ (भोजपुरी)

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मत करा तूं जियरा हलकान अम्मा काहें एतना हो गइलू परेशान अम्मा छोटकी बेमार बा बाकी सब ठीक हौ घर में दरार बा बाकी सब ठीक हौ अबकी छुट्टी...
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M VERMA
वाराणसी में पला-बढ़ा, दिल्ली में अध्यापन कार्य में संलग्न था। जब कभी मैं दिल के गहराई में कुछ महसूस करता हूँ तो उसे कविता के रूप में पिरो देता हूँ। अभिनय भी मेरा शौक है।
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