अख़बार के पहले पन्ने पर
प्राइम समाचार था—
CID ने एक घर में छापा मारा
और पाँच व्यक्तियों को
अनधिकृत रूप से
साँस लेते पाया।
सरकार ने
इसे देशद्रोह घोषित कर दिया
और इन साँसों के पीछे
विदेशी फंडिंग की आशंका से
इंकार नहीं किया।
मीडिया में
बहस छिड़ गई—
ख़ास लोगों के लिए
आरक्षित साँसों की
तस्करी में
किन लोगों का हाथ है?
और
इन पाँच आम लोगों तक
ये पहुँची कैसे?
अख़बार के
आख़िरी पन्ने पर
एक छोटी-सी ख़बर
यह भी थी—
बलात्कार की शिकार
मासूम की
मौत हो गई।

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