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मुझे तो ज़ज्ब ए तूफान लाना है
इस मुर्दे में भी तो जान लाना है
बहुत देख चुका शराफत का हश्र
शायद अब एक शैतान लाना है
अब तो मैने कमर कस ली है
मुझको अपना आसमान लाना है
ताकि नज़र में रहे उनकी हरकतें
हर हाल में ऊँचा मचान लाना है
खुद की पहचान से जो महरूम हैं
उनके लिये उनकी पहचान लाना है
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