Friday, April 2, 2010

आज पहना दिया उसके गले में किसी और ने हार

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आज पहना दिया

उसके गले में

किसी और ने

हार

वह गुमसुम सा

खड़ा है

जिन्दगी को

हार

!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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हर्षित हैं शाख पर पत्ते

झूम रही है

डाली

एक अर्से के बाद

तूने फिर से झूला

डाली

44 comments:

डॉ टी एस दराल said...

पहला बेहतरीन ।
दूसरे में कुछ खटक सा रहा है।

हर्षित हैं शाख पर पत्ते, झूम रही है डाली
एक अर्से के बाद जो, तूने झूल है डाली।

गुताखी मांफ , पर ये कैसा रहेगा ।

arun c roy said...

bahut sunder... kam shabdo me saargarbhit aur bhavpoorn sandesh... ek dusre se jude hone ka...

arun c roy said...
This comment has been removed by the author.
M VERMA said...

धन्यवाद दराल सर
आवश्यक परिवर्तन कर दिया है

Babli said...

वाह बेहद ख़ूबसूरत! नए अंदाज़ में और चंद शब्दों में आपने बहुत ही सुन्दर सन्देश दिया है! बहुत अच्छा लगा!

रश्मि प्रभा... said...

dard aur sukun dono ko bakhoobi vyakt kiya hai

Sonal Rastogi said...

पीड़ा को बहुत सुन्दर शब्द दिए है

Razia said...

शब्दों की हेराफेरी है
बहुत सुन्दर

sangeeta swarup said...

वाह ....बहुत खूबसूरत...

हार का अच्छा प्रयोग

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

हार का विल्कुल सही प्रयोग किया है!

kshama said...

Pahali rachana waqayi bahut sundar hai!

Suman said...

nice

Udan Tashtari said...

पहला वाला बहुत पसंद आया!!

श्याम कोरी 'उदय' said...

...प्रभावशाली रचनाएं!!!

KAVITA RAWAT said...

Bhavpurn chitramay rachna bahut achhi lagi..
Haardik shubhkamnayen....

sada said...

बहुत ही बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

सुलभ § सतरंगी said...

रोचक अर्थपूर्ण क्षणिकाएं हैं. आपके अंदाज़ निराले हैं.

Parul said...

sundar..!

जितेन्द़ भगत said...

दि‍ल को छू गई।

अजय कुमार said...

शब्दों का अर्थपूर्ण प्रयोग

Jyoti said...

गुमसुम सा खड़ा है जिन्दगी को हार !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!बेहतरीन क्षणिकाएँ

वन्दना said...

आज पहना दिया उसके गले में किसी और ने हार वह गुमसुम सा खड़ा है जिन्दगी को हार

behtreen..........dil ko chhoo gaya.

ताऊ रामपुरिया said...

बेहतरीन रचनाएं.

रामराम.

संजय भास्कर said...

पीड़ा को बहुत सुन्दर शब्द दिए है

संजय भास्कर said...

किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

ज्योति सिंह said...

sundar dono rachnaaye

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

Aapke in choti kavitaon me shabdon ka khel mujhe bada achha lagta hai... ek alag si baat hai inme...bhasha ke drishti se bhi aur bhawna ke drishti se bhi...

rashmi ravija said...

वाह सुन्दर संयोजन बन पड़ा है,शब्दों का... सुन्दर रचनाएं

chetna said...

आमंत्रण के लिए शुक्रिया। इतनी अच्छी पंक्तियां, इतने अच्छे भाव! अभी कुछ ही कविताएं पढ़ी। कल और पढ़ंूगी। वाकई बहुत कमाल का लिखते हैं आप। आपके ब्लॉग पर आना अब शायद मेरी दिनचर्या में शामिल होगा। पुन: धन्यवाद।

usha rai said...

मधुर अहसास की सुंदर प्रस्तुती ! बधाई !

हिमान्शु मोहन said...

आप की रचना शैली में अनूठा नयापन है । यमक और श्लेष का सधा हुआ प्रयोग आपकी निजता भी है और विशेषता भी । प्रशंसा स्वीकारें ।

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर रचना. धन्यवाद

रवि कुमार, रावतभाटा said...

यह भी खूब रही...

kshama said...

Pahla bahut achha laga..doosareme ant me 'daalee' zara khatka...waise mai is qabil nahi ki, aapke likhepe tippanee karun...Kshama prarthi hun!

JHAROKHA said...

aapne jidagi se jude dard ko bkhoobi bayan kia hai

Prem Farrukhabadi said...
This comment has been removed by the author.
दिगम्बर नासवा said...

मज़ा आ गया ... आप मास्टर हैं उलट फेर के ....
पहले वाला तो लाजवाब है ...

अनामिका की सदाये...... said...

dono kshanikaye bahut khoobsurat.

HAAR shabd ka prayog acchha laga..
lekin ek baat khatak gayi...is haar shabd ko shadi k haar means khushi k mauke par prayog kiya gaya...bt kalam ki dhaar ka kamal he ye to..aur acchha he.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत बढ़िया दोनों बहुत पसंद आई शुक्रिया

अमिताभ श्रीवास्तव said...

are waah varmaji, bahut khoob likhaa he ji aapne..

Anonymous said...

ye topivaala kutta kaun hai. iska yahan kaam kya.iske sir mein danda maaro yaaro.

हरकीरत ' हीर' said...

वाह हार के दोहराव का सुंदर प्रयोग किया है आपने ........!!

पर दूसरी वाली में तो झुला पुल्लिंग है तो 'डाला' होना चाहिए .....
पर कविता में तुक मिलाने के लिए इतना इधर उधर तो चलता .....!!

और Mr Anonymous को पता नहीं ताऊ जी हमारे लिए कितने सम्मानीय व्यक्ति हैं ....कृपया टिप्पणी में इस तरह की हरकत न करें ......!!

शरद कोकास said...

भैया यह हार है ना जीत है बस ज़िन्दगी से प्रीत है ।

Ojaswi Kaushal said...

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