शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

हैलोवीन

 

पश्चिमी देश

मना रहे हैं हैलोवीन,

 

बुरी आत्माओं का डर

खत्म करने के लिए

उनका स्वांग रच रहे हैं लोग।

 

वे मुखौटे पहन पा रहे हैं

क्योंकि

उनके चेहरों पर

पहले से मुखौटे नहीं थे।

 

और इधर...

 

कुछ लोग

बुरी आत्माओं को

पहले ही आत्मसात कर चुके हैं,

कुछ मुखौटों को

अपना चेहरा बना चुके हैं।

 

बाज़ार में बिकते हैं

यहाँ तरह-तरह के चेहरे,

कैंडी और टॉफियों के बदले

खरीदे जाते हैं ईमान।

 

कहाँ जरूरत है उन्हें

एक रात के स्वांग की—

जो डराते हैं बच्चों को

कंकालों और भूतों से,

मगर यहाँ तो

जिंदा आदमियों से

खौफ खाते हैं परिंदे भी।

 

जहाँ मखमल के लिबास में

छुपे बैठे हैं भेड़िये,

वहाँ हैलोवीन मनाने की

बतलाइये क्या जरूरत है—

 

जब हमारा हर एक दिन है

मुखौटों का उत्सव

11 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में सोमवार 02 नवंबर, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  2. जहाँ मखमल के लिबास में

    छुपे बैठे हैं भेड़िये,

    वहाँ हैलोवीन मनाने की

    बतलाइये क्या जरूरत है—

    सटीक

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  3. हर कोई एक मुखौटा लगाये ही तो मिलता है इस दुनिया में, तभी तो इसे माया नगरी कहते हैं

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