जज़्बात

संस्कारित-सभ्यों के बीच आदमखोर कबीले क्यूं हैं ?

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

तबेले में शिक्षा

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  अरसे से गुम थी पर अंततः एक तबेले में अधमरी गाय को घास डालती मिली — शिक्षा। भूसे के ढेर के नीचे मृतप्राय — उसने अपना आवास बना...
शनिवार, 22 अगस्त 2026

अँधेरे का उजाला

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  शहर त्रस्त था अँधेरों से। उन्होंने संविधान में संशोधन किया और अँधेरे का नाम उजाला रख दिया। फिर मीडिया ने घोषित कर दिया — अब श...
15 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 18 अगस्त 2026

सत्ता की अ-आँख

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  आमतौर पर सत्ता कान रहित होती है , और उसकी अ-आंख होती है जो देखती कम , दिखाती अधिक हैं। जनता की वे चीखें जिनसे दीवारें तक भरभरा...
11 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 12 अगस्त 2026

जाति की सीढ़ी

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ऊँची जाति वाले ने नीची जाति वाले से कहा — तुम नीची जाति के हो।   नीची जाति वाला कुछ नहीं बोला।   बस चुपचाप ढूँढने निकल पड़ा — ...
8 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

स्याही की ताकत

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  धवल कागज़ पर स्याही धब्बा नहीं होती , वह कागज़ का श्रृंगार होती है। कभी उसी स्याही ने " वंदे मातरम्" लिखा था , और उसी...
9 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 29 जुलाई 2026

गाली से आगे

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  हवा में गूँज रही है एक पंक्ति — " लड़की होकर गाली दे रही है।" पर इससे पहले किसी ने कब कहा था — " लड़का होकर गाली दे र...
17 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 25 जुलाई 2026

मौन की प्रतिध्वनि

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  कुछ शब्द बिना बोले निःशब्द कर देते हैं। कुछ शब्द बहुत बोलते हैं , पर उन्हें सुनता कोई नहीं। वाक्यों के अर्थ ज़रूरी नहीं कि शब्द...
14 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 20 जुलाई 2026

पहले होर्डिंग का जन्म

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  पहले होर्डिंग का जन्म यक़ीनन पहले झूठ के साथ हुआ होगा। और सतरंगी पहला झूठ शायद भाषा के आविष्कार के साथ जन्मा होगा। भाषा-विहीन समय...
12 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 16 जुलाई 2026

प्रेम का फिक्स डिपॉजिट

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  मेरे दिल में जितना भी प्रेम था , सब मैंने फिक्स डिपॉजिट में तुम्हारे पास रख दिया। अब मैं उसके ब्याज से ही अपना काम चला रहा हूँ , कभ...
11 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 14 जुलाई 2026

कठघरे में चिड़िया

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  एक नाबालिग चिड़िया उड़ान का संतुलन सीख रही थी। उसकी आँखों में बस आसमान की ऊँचाइयाँ थीं। तभी उड़ान पर अपना एकाधिकार समझने वाले बीस-बाइस गिद...
8 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

आँकड़ों की दीवार

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हँसते हुए चेहरे ओढ़े अक्सर ये रोते हैं , पता है फसल का हश्र , फिर भी बोते हैं। चीखती हुई भूख में क्या-क्या खोते हैं. , पेट और पीठ अब गले ल...
8 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 8 जुलाई 2026

चुम्बन और चुम्बक

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चुम्बन और चुम्बक में केवल ध्वन्यात्मक साम्य ही नहीं , स्वभाव का रिश्ता भी है। दोनों खींच लेते हैं अपने-अपने ध्रुव की ओर। चुम्बकीय फ्ल...
2 टिप्‍पणियां:
रविवार, 5 जुलाई 2026

अंकुरित शब्द

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मैंने एक शब्दकोश के समस्त शब्दों को निर्देशित किया — एक कविता के लिए। और उन्हें एक विस्तृत जाल की तरह फैला दिया शब्दों से शब्द ...
13 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 2 जुलाई 2026

आँकड़ों की रोटी

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  रोटियों से खेलने वाले रोटियों के लिए तरसते भूखे लोगों को रोटियाँ बाँटते हैं। फ़र्क़ बस इतना है कि ये रोटियाँ आटे से नहीं , आँकड़ों...
11 टिप्‍पणियां:
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M VERMA
वाराणसी में पला-बढ़ा, दिल्ली में अध्यापन कार्य में संलग्न था। जब कभी मैं दिल के गहराई में कुछ महसूस करता हूँ तो उसे कविता के रूप में पिरो देता हूँ। अभिनय भी मेरा शौक है।
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