जज़्बात

संस्कारित-सभ्यों के बीच आदमखोर कबीले क्यूं हैं ?

रविवार, 26 अप्रैल 2026

पसलियों की गणना

›
सुना है जनगणना होने वाली है , और इन दिनों मकान गिने जा रहे हैं। काश — इस गणना से पहले हो पाती बेमकानों की गिनती। तुम गिन लोगे छत ...
बुधवार, 22 अप्रैल 2026

विलुप्त होती प्रजाति

›
एक समय था— जब ईमानदार और सच्चरित्र लोग बहुतायत में पाए जाते थे। पर बदले हुए इस माहौल में वे खुद को ढाल न सके, न सीख पाए समझौतों की भाषा—...
16 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

आज़ादी का भ्रम

›
चलते-चलते अक्सर मैं किसी चौराहे पर रुकता हूँ, अनगिनत पैरों के निशानों के बीच अपने निशान खोजता हूँ। पर ठहरकर जब देखता हूँ— तो चौंक जाता ह...
10 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

अधूरी पूर्णता

›
किसी ने पूछा था — “ क्या है कविता ?” मैंने कहा — कविता अविरल प्रवाह है , स्वयं से मिलने की अथक चाह है। यह कोई प्रयोग नहीं , यह तो अथाह...
12 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

ट्रिगर पर उंगली

›
  इसी चौराहे पर एक कत्ल हुआ , सरेआम — गोली मारी गई। हैरत ये नहीं कि खून बहा सड़कों पर , हैरत तो ये है — जो मरा है वह पहली बार नहीं म...
10 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 8 अप्रैल 2026

खुशहाली का होर्डिंग

›
  उसने कहा — “ मैं पीड़ा में हूँ। ” सत्ता मुस्कुराई , और उसकी आवाज़ को रिकॉर्ड से बाहर कर दिया गया। सबूत के नाम पर उसी के चेहरे की ...
10 टिप्‍पणियां:
रविवार, 5 अप्रैल 2026

इंसानियत—नियम व शर्तें लागू

›
चीख की कोई भाषा नहीं होती , उसे सुनने के लिए किसी अनुवादक की ज़रूरत नहीं — उसका एकमात्र वाहक संवेदना है , और संवेदना की भी कोई भाषा न...
17 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

सभ्य" दाँतों के निशान

›
  बिना शिनाख़्त का प्रयास किए रिपोर्ट में दर्ज कर दिया गया — “ शिनाख़्त नहीं हो पाई। ” और फिर पंचनामा कर आनन-फानन में उसे दफ़ना दिया...
12 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 30 मार्च 2026

साप्ताहिक प्रेम

›
मैं अपनी माशूका से सोमवार को आँखें चार करता हूँ , फुर्सत से मंगलवार के दिन प्यार का इज़हार करता हूँ। बुधवार बीत जाता घूमने-फिरने और ड...
17 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 28 मार्च 2026

न्यूटन के सेब से आगे की कहानी

›
  न्यूटन , तुम ग़लत थे तुमने सेब को गिरते देखा , और खींच दी नियम की रेखा , और गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक सत्य के नियंता बन गए। काश ,...
10 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 24 मार्च 2026

एक्सपायरी डेट का उजाला

›
  अंधेरे के हिमायती उजाले के लिए सुरक्षित खेतों में चुपचाप अंधेरा बो गए। जब फसल लहलहाई , तो पहरे पर खड़े कर दिए गए असंख्य प्रवक्ता — ...
10 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
M VERMA
वाराणसी में पला-बढ़ा, दिल्ली में अध्यापन कार्य में संलग्न था। जब कभी मैं दिल के गहराई में कुछ महसूस करता हूँ तो उसे कविता के रूप में पिरो देता हूँ। अभिनय भी मेरा शौक है।
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.