सोमवार, 20 जुलाई 2026

पहले होर्डिंग का जन्म

 

पहले होर्डिंग का जन्म
यक़ीनन
पहले झूठ के साथ हुआ होगा।

और सतरंगी पहला झूठ
शायद
भाषा के आविष्कार के साथ
जन्मा होगा।

भाषा-विहीन समय में
झूठ
अगर था भी,
तो गूँगा था
अपने ही भीतर
कैद।

फिर
जैसे-जैसे
हम
सभ्य (तथाकथित) होते गए,
झूठ ने
शब्द ओढ़ लिए,
फिर रंग,
फिर नारे,
फिर मुस्कराते चेहरे।

और एक दिन
वही आवरण
होर्डिंग बन गया।

क्योंकि
होर्डिंग
और कुछ नहीं
झूठ का
सबसे विशाल चेहरा है।

12 टिप्‍पणियां:

Anita ने कहा…

मगर झूठ पर यक़ीन करने वाले अधिक हैं सच से भागने वाले उससे भी अधिक

M VERMA ने कहा…

यकीनन, यही तो बिडम्बना है

Aman Peace ने कहा…

Wah!

M VERMA ने कहा…

Thanks

हरीश कुमार ने कहा…

सुन्दर

Razia Kazmi ने कहा…

Great 👍

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर | पर अब जोर से कहिये झूठमेव जयते |

M VERMA ने कहा…

Thanks 😊

M VERMA ने कहा…

Thanks 😊

M VERMA ने कहा…

यकीनन "झूठमेव जयते"

Onkar ने कहा…

सुंदर

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शुभकामनाएं ✨