शुक्रवार, 7 मई 2010

नपुंसकलिंग !!


लिंग :
पुलिंग,
स्त्रीलिंग
पुलिंग :
मनमर्जी का
किंग.
स्त्रीलिंग :
अबला
और असहाय,
बिना समीक्षा
देनी होगी
अग्निपरीक्षा
अंततोगत्वा
आनरकिलिंग.
लिंग :
पुलिंग,
स्त्रीलिंग
अरे नहीं !!!
एक और भी है :
नपुंसकलिंग.

35 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

कलिंग को तो आप भुल गये जी

kshama ने कहा…

Kaka Hatharsi anayas hi yaad aa gaye..unki rachana lingbhed..kahte hain,mardangiki nishani,moochh'ka ling hai streeling...chaachiji ka jooda hai pulling!

डॉ टी एस दराल ने कहा…

स्त्रीलिंग : अबला और असहाय

अफ़सोस अभी भी ।

दीपक 'मशाल' ने कहा…

chand sundar shabdon ko khoobsoorat kram me sajakar itne bade darshan ki baat kah gaye aap.. aabhar..

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना है ... लिंगभेद हमारे समाज में किस हद तक बसा हुआ है ... इसका एक उदाहरण स्वयं हमारी भाषा "हिंदी" है ! अंग्रेजी में masculine, feminine और neutral gender होते हैं ... पर हम तो हर चीज़ को पुलिंग और स्त्रीलिंग में बाँट चुके हैं ... पुलिस स्त्रीलिंग, मूछ स्त्रीलिंग, इतनी बड़ी गाड़ी वो भी स्त्रीलिंग !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

पूरे समाज में ये लिंगभेद है ... और पुरुष सबसे ज़्यादा फ़ायडे में है ... तभी तो ये शब्द जीवित है ...

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…

very Good....

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोचक ।

shikha varshney ने कहा…

anutha...rochak.

sonal ने कहा…

नया प्रयोग ,रोचक

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

ये तो बहुत ही रोचक बन पड़ा..बढ़िया प्रस्तुति बधाई

कडुवासच ने कहा…

बिना समीक्षा
देनी होगी
अग्निपरीक्षा
... अदभुत अभिव्यक्ति ... प्रसंशनीय रचना !!!

nilesh mathur ने कहा…

वाह! क्या बात है !

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत ही रोचक ..........

Gyan Dutt Pandey ने कहा…

अरे नहीं !!!

एक और भी है :

नपुंसकलिंग.


मेज्योरिटी में हैं?! :)

Prem Farukhabadi ने कहा…

ACHCHHA LAGA. BADHAI!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छा व्यंग....इस बात पर गहराई से सोचना चाहिए

vandana gupta ने कहा…

सही कहा।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बढ़िया व्यंग्य!

Rajeysha ने कहा…

so many in english billing, killing, milling, chilling...

Urmi ने कहा…

बहुत ही सुन्दरता से और एक नए अंदाज़ में आपने रचना प्रस्तुत किया है! रोचक लगा!

Asha Lata Saxena ने कहा…

A new thought written in typical way.
nice
Asha

Pawan Kumar ने कहा…

नए एहसास में पिरोई हुयी कविता......जिसने दिमाग को हिला दिया...!

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

क्या खूब....

सर्वत एम० ने कहा…

परिभाषाओं के माध्यम से रची गयी इस कविता की प्रशंसा किन शब्दों में करूं. नपुंसक लिंग का भेद आपने खोला ही नहीं. दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या नपुंसकों की ही है. दिक्कत सिर्फ ये है कि इन्हें पहचानना मुश्किल है. अपने दो शेर आपकी कविता के समर्थन में:
आप अगर मर्द हैं तो खुश मत हों
काम आती है सिर्फ नामर्दी

मर्द ही हिजड़े नहीं होते
किन्नरों में नारियां भी हैं.

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

लिंग : पुलिंग, स्त्रीलिंग [Photo] पुलिंग : मनमर्जी का किंग. स्त्रीलिंग : अबला और असहाय, बिना समीक्षा देनी होगी अग्निपरीक्षा अंततोगत्वा आनरकिलिंग. लिंग : पुलिंग, स्त्रीलिंग अरे नहीं !!! एक और भी है : नपुंसकलिंग.......वाह...वाह....क्या बात है ......स्त्रीलिंग और पुल्लिंग को खूब शब्दों में पिरोया है आपने .....

और ये सर्वत जी के कमाल के शे'र .......

आप अगर मर्द हैं तो खुश मत हों
काम आती है सिर्फ नामर्दी

मर्द ही हिजड़े नहीं होते
किन्नरों में नारियां भी हैं.

वाह....वा.......!!

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

inhi lingo ne hi failayi hai asal me asamaajikta....aaj pata chala.

KK Yadav ने कहा…

लिंग भेद पर बेहतरीन पोस्ट...नए-नए शब्द..बहुत खूब.
***************

'शब्द सृजन की ओर' पर 10 मई 1857 की याद में..आप भी शामिल हों.

ज्योति सिंह ने कहा…

ek anokhe andaaj me kah gaye aham baat .umda

Satish Saxena ने कहा…

मज़ा आ गया, आज का नदाज़ गज़ब का रहा ! साथ ही यह नपुंसक लिंग ...ज़माना ही इनका है ! सर्वात भाई का यह शेर भी खूब जमा यहाँ !
सादर

"आप अगर मर्द हैं तो खुश मत हों
काम आती है सिर्फ नामर्दी"

Parul kanani ने कहा…

kuch hatkar laga..!

sandhyagupta ने कहा…

Lingbedh par karara vyangya.badhai.

kshama ने कहा…

"Dhindorapeeto" post kahan hai?Ya yah bhi net ka koyi chamatkar hai,ki,post adrushy ho jay?:):)

Akshitaa (Pakhi) ने कहा…

फिर से पढना पड़ेगा...
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पाखी की दुनिया में- 'जब अख़बार में हुई पाखी की चर्चा'

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

जन्मदिवस की शुभकामना के लिए आपको बहुत धन्यवाद.