सोमवार, 1 मार्च 2010

मन भीगे तो होली है ~~

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धरती के आंचल में आज,


रची हुई रंगोली है


तन भीगे से क्या होता है,


मन भीगे तो होली है!


*


जो चूल्हा नाराज न होवे,


गर तवा न आपा खोवे,


सुबह का भूला लाल जो लौटे,


फिर थाली में दाल जो लौटे,


वर्ना हर बात ठिठोली है,


तन भीगे से क्या होता है


मन भीगे तो होली है!


*


साजिश भरी जो आहट कम हो,


चीनी की कड़वाहट कम हो,


सम्बन्धों को आयाम मिले,


श्वासों की अकुलाहट कम हो,


वर्ना यह ढोल तो पोली है,


तन भीगे से क्या होता है,


मन भीगे तो होली है!


*


अमराई की जो गन्ध मिले,


शब्दों को नूतन छन्द मिले,


उड़ने को आमादा है जो,


उसको आकाश निर्द्वन्द मिले,


शहद सरीखा जब कानों में,


मिठास भरी हर बोली हो,


तन भीगे से क्या होता है,


मन भीगे तो होली है!

37 टिप्‍पणियां:

कडुवासच ने कहा…

तन भीगे से क्या होता है,
मन भीगे तो होली है!
... बहुत खूब, लाजबाब !!
...होली की लख-लख बधाईंया व शुभकामनाएं !!

कडुवासच ने कहा…

तन भीगे से क्या होता है,
मन भीगे तो होली है!
... बहुत खूब, लाजबाब !!
...होली की लख-लख बधाईंया व शुभकामनाएं !!

अजय कुमार ने कहा…

होली की सतरंगी शुभकामनायें

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव ।
होली के सही मायने बताये हैं आपने ।

होली की हार्दिक शुभकामनायें।

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन!!


ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.


आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

-समीर लाल ’समीर’

राजकुमार ग्वालानी ने कहा…

होली में डाले प्यार के ऐसे रंग
देख के सारी दुनिया हो जाए दंग
रहे हम सभी भाई-चारे के संग
करें न कभी किसी बात पर जंग
आओ मिलकर खाएं प्यार की भंग
और खेले सबके साथ प्यार के रंग

संजय भास्‍कर ने कहा…

मिठास भरी हर बोली हो, तन भीगे से क्या होता है, मन भीगे तो होली है!
इन पंक्तियों ने दिल छू लिया... बहुत सुंदर ....रचना....

संजय भास्‍कर ने कहा…

रंग बिरंगे त्यौहार होली की रंगारंग शुभकामनाए

निर्मला कपिला ने कहा…

साजिश भरी जो आहट कम हो,

चीनी की कड़वाहट कम हो,

सम्बन्धों को आयाम मिले,

श्वासों की अकुलाहट कम हो,

वर्ना यह ढोल तो पोली है,

तन भीगे से क्या होता है,

मन भीगे तो होली है!
सही बात है तन भीगे से क्या होता है जब तक मन न भीगे। सुन्दर सन्देश देती रचना के लिये बधाई होली की हार्दिक शुभकामनायें

Yogesh Verma Swapn ने कहा…

wah verma ji , akhiri chhand behatareen.. shubhkaamnayen.

Himanshu Pandey ने कहा…

"जो चूल्हा नाराज न होवे,
गर तवा न आपा खोवे,
सुबह का भूला लाल जो लौटे,
फिर थाली में दाल जो लौटे,
वर्ना हर बात ठिठोली है,.."
सच्ची बात तो यही है । खूबसूरत प्रविष्टि । आभार ।
होली की हार्दिक शुभकामनायें ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

तन भीगे से क्या होता है,
मन भीगे तो होली है!

बहुत खूबसूरत भाव से सजी है ये रचना....मन बिना भीगे तो संवेदना ही नहीं होंगी....खूबसूरत
होली की बधाई

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

होली की शुभकामनाएँ!

vandana gupta ने कहा…

waah ........kya baat kahi hai........ek shashwat satya..........dil ko bahut gahre tak chhoo gayi aapki ye rachna .........kuch aisa hi maine bhi apne blog par likha hai ......holi ki hardik shubhkamnayein.

http://vandana-zindagi.blogspot.com

शोभा ने कहा…

अच्छा लिखा है। होली की शुभकामनाएं।

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

बेहतर रचना...
शुभकामनाएं...

समय चक्र ने कहा…

बहुत खूब, लाजबाब होली की शुभकामनाएं...

shikha varshney ने कहा…

साजिश भरी जो आहट कम हो,

चीनी की कड़वाहट कम हो,

सम्बन्धों को आयाम मिले,

श्वासों की अकुलाहट कम हो,

वर्ना यह ढोल तो पोली है,

तन भीगे से क्या होता है,

मन भीगे तो होली है!

behtareen bhav hain..holi ke sahi mayenne..Aapko holi ki samst shubhkamnaye.

sandhyagupta ने कहा…

सुबह का भूला लाल जो लौटे, फिर थाली में दाल जो लौटे, वर्ना हर बात ठिठोली है..

Kya baat hai!Shubkamnayen.

shama ने कहा…

धरती के आंचल में आज,

रची हुई रंगोली है

तन भीगे से क्या होता है,

मन भीगे तो होली है!
Sahi kaha...holi mubarak ho!

रंजू भाटिया ने कहा…

बहुत बढ़िया बेहतरीन लिखते हैं आप होली मुबारक शुक्रिया

अर्चना तिवारी ने कहा…

बहुत सुन्दर...होली कि हार्दिक शुभकामनाएँ

अनूप शुक्ल ने कहा…

भीग रहा है मन! क्या होली है!मुबारक!

ktheLeo (कुश शर्मा) ने कहा…

वाह, होली की शुभ कामनाए!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

अमराई की जो गन्ध मिले,

शब्दों को नूतन छन्द मिले,

उड़ाने को आमादा है जो,

उसको आकाश निर्द्वन्द मिले,

शहद सरीखा जब कानों में,

मिठास भरी हर बोली हो,

तन भीगे से क्या होता है,

मन भीगे तो होली है!


बहुत बढ़िया लिखा है!
होली की शुभकामनाएँ!

राज भाटिय़ा ने कहा…

तन भीगे से क्या होता है,
मन भीगे तो होली है!
बहुत सुंदर भाव लिये आप की यह सुंदर कविता.
धन्यवाद

Razia ने कहा…

सुन्दर भाव की कविता

दीपक 'मशाल' ने कहा…

bilkul dil ki baat kah di aapne sir.. shukriya...

रानीविशाल ने कहा…

आदरणीय,
सदर नमस्कार
बहुत सुन्दर भावो से सजी रचना जो वाकई होली का सही मतलब बयां कर रही है !
ईश्वर से यही प्रार्थना है की अबकी बार प्रेम और सदभावना, शांति में सभी के मन भी तर ब तर हो जाए ..!!

होली की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाए !! सादर

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

सुंदर सन्देश देती अच्छी कविता.

Girish Billore Mukul ने कहा…

सच वर्मा साहेब कल ऐसी ही थी होली
तन भीगे से क्या होता है,
मन भीगे तो होली है!
मन को भिगो गए एक .....?

रश्मि प्रभा... ने कहा…

mann se hi to baat banti hai, bahut achhi rachna

sumit ने कहा…

tan to ab bhig chuka hai
man ka pata nahi

acchi kavita hai

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

रंग दें रंग दे रंग दे रंग दे रंग दे रंग दे .... गोरी चुनरियाँ रंग दे ....

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अमराई की जो गन्ध मिले,
शब्दों को नूतन छन्द मिले,
उड़ने को आमादा है जो,
उसको आकाश निर्द्वन्द मिले ..

बहुत ही सुंदर पंक्तिया हैं .... होली मधुर, शांत और गाम्भीर्य भी होती है .... आपकी रचना में यह स्पष्ट बात है ....
बहुत अच्छी रचना ...

अनीता सक्सेना ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव लिए..बहुत प्यारी कविता है..होली "तन भीगे से क्या होता है...मन भीगे तो होली है"...अति सुन्दर !

संजय भास्‍कर ने कहा…

सुन्दर कवितायें बार-बार पढने पर मजबूर कर देती हैं. आपकी कवितायें उन्ही सुन्दर कविताओं में हैं.