Sunday, June 14, 2009

हटो ! थोड़ी हवा आने दो **



हटो ! थोड़ी हवा आने दो

हमें भी तो रिश्ता निभाने दो



तुम सजा लो अपने महल

हमें अपनी झोपड़ी सजाने दो



दुम हिला रहे हो, हिलाते रहो

हमें बस यहाँ से जाने दो



ज़िन्दगी हम तो यूं ही जियेंगे

बात-बात पर तो न ताने दो



तुम्हे मुबारक तुम्हारी रसमलाई

हमें सूखी रोटी ही खाने दो


16 comments:

अनिल कान्त : said...

waah kya baat hai

श्यामल सुमन said...

बहुत खूब वर्मा जी। देखें एक मेरी कोशिश भी इसी तर्ज पर-

हाल सुधरेगा चुप था मैं बर्षों तलक।
अब आजिज हुआ जीभ हिलाने दो।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail

ओम आर्य said...

अच्छे है भाव और शब्द ............

AlbelaKhatri.com said...

tum sajaalo apne mahal,
hamen apni jhopdi sajaane do
waah
waah
bahut khoob !

RAJNISH PARIHAR said...

सच भी है..तुम चाहे जो करो हमें तो बस चैन से जीने दो,बहुत ही सटीक अभिव्यक्ति है आज के हालत पर..

●๋• सैयद | Syed ●๋• said...

बहुत सुन्दर

Ekta said...

Very well said. Nice thought

Surbhi said...

Bahut khoobsurat.

Poonam Agrawal said...

Aap rachan per rachana likhte raho...hamein pratikriya apni dene do....

Is rachana se avibhoot hoker likh rahi hun....anyatha na lein....sunder rachana.....badhai

हिमांशु । Himanshu said...

बेहतरीन ।
"तुम्हे मुबारक तुम्हारी रसमलाई
हमें सूखी रोटी ही खाने दो "। यह पंक्तियाँ जम गयीं । धन्यवाद ।

venus kesari said...

ज़िन्दगी हम तो यूं ही जियेंगे
बात-बात पर तो न ताने दो

बहुत खूब

वीनस केसरी

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत सुन्दर

Priya said...

tumhe mubarak tumhari rasmalai;
hamhe sookhi roti khane do

In shabdo ne to kamal kar diya.

mubarak ho

ktheLeo said...

वाह क्या अभिव्यक्ति है,आपका अन्दाज़-ए-बयां मुक्तलिफ़ और ताज़गी भरा है.
शुभकामनायें.

gabru said...

क्या बात है जनाब !
पूरा स्वाभिमान झलकता है !
--

beatmy said...

Hi Raaz,

Thank You Very Much for sharing this great post.

Health Care Tips | Health Tips | Fitness Tips | Junagadh City Guide Information

-Thanks for sharing

- Pallavi Joshi

Senior Account