सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

स्पर्श का रंग (क्षणिका)

 

रोज डे के दिन

मैने उसे

सुर्ख गुलाब दिया

उसने हाथ बढाया

और गुलाब हाथ में लिया

गुलाब देने और लेने के

इस प्रक्रम में अनायास

उंगलिया स्पर्शित हो गई

गुलाब तो लाल ही रहा

पर हम दोनो

गुलाबी हो गए.

2 टिप्‍पणियां:

  1. एहसास से परिपूर्ण अभिव्यक्ति।
    सादर।
    ____
    नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना मंगलवार १० फरवरी २०२६ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं