रविवार, 15 फ़रवरी 2026

इश्क अधूरा नहीं होता

इश्क़ दिल में हो तो फिर पूरा नहीं होता
अधूरा रह के भी ये इश्क अधूरा नहीं होता

 

कत्ल नज़रों से भी होते देखे हैं हमने
हर किसी क़त्ल का कारण छुरा नहीं होता

 

एक छुअन से ही सिहर उठते हैं दीवाने
हर किसी नशे का कारण सुरा नहीं होता

 

दिल अगर टूटे तो धड़कन कम नहीं होती
हर किसी दर्द का मतलब बुरा नहीं होता

 

खामोशी भी कभी छेड़े मधुर सरगम को
हर किसी साज़ में होना तम्बूरा नहीं होता

 

जिसे पा लो तो कई बार क़दर खो जाए
हर कोई ख़्वाब हक़ीक़त में पूरा नहीं होता

 

लोग कहते हैं इसे बस कोई अफ़साना है
वर्माइश्क़ का किस्सा अधूरा नहीं होता


फोटो : AI

10 टिप्‍पणियां:

  1. वाह्ह .... बेहतरीन... शानदार गज़ल सर।
    हर शेर बहुत बढ़िया बन पड़ा है।
    सादर।
    --------
    नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना मंगलवार १७ फरवरी २०२६ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    जवाब देंहटाएं