अंधेरा
अभी और गहराएगा।
अंधेरे के लिए
आदमकद अंधेरा—
दीपक को ही दोषी ठहराएगा।
ढकेल दिए जाओगे—
तुम अंधकूप में।
थाम लो अपना हाथ,
खुद को रक्खो खुद के साथ।
तुम्हारी हर गतिविधि पर—
नज़र गड़ाए तैनात हैं हादसे।
माहौल बनाया जाएगा,
माहौल बिगाड़ने के लिए।
आतुरता टहल रही है—
बस्तियाँ उजाड़ने के लिए।
खुली हवा का सपना
हवा में ही रह जाएगा।
न्याय की अभिलाषाएँ
भरभरा कर ढह जाएँगी।
संभावनाएँ ब्लास्ट करेंगी,
पाबंदियाँ मार्च-पास्ट करेंगी।
हवा में उठी हर मुट्ठी को
कैद करने की तैयारी है।
आज नहीं तो कल—
तुम्हारी भी है बारी।
तुम्हारा भविष्य लिखेंगे—
प्रशिक्षित हाथ, अनाचारी।
अंधेरा और बढ़ेगा—
यह सच है,
पर याद रखना—
इतिहास
हमेशा
अल्पसंख्यक सच से
शुरू होता है।
बहुत अच्छा विचार है
जवाब देंहटाएंThanks 😊
जवाब देंहटाएंWah!
जवाब देंहटाएंThanks 😊
हटाएंसुंदर
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
हटाएंबहुत ही गहरी पंक्तियाँ।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
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