सोमवार, 7 नवंबर 2011

खिड़कियाँ खोल झाँक रहा है मकान ….


इससे पहले कि
’शब्द’ शब्दों से मिलकर
बुन दें एक अभेद्य तिलिस्म,
तुम लिखो एक खत
शब्दों के बिना ।
.
तत्पर हैं
संवादों के आखेटक;
बनाने को इनको
विस्फोटक,
खिड़कियाँ खोल झाँक रहा है
हर मकान;
तैनात किए गए है
सुनने को आतुर
अनगिनत कान,
इससे पहले कि
हमारे-तुम्हारे बीच के संवाद
अनुवादित हों
तुम कहो एक ‘शब्द’
शब्दों के बिना ।
.
कुंठित क्यों करना
नैसर्गिक आवेगों को,
प्रवाहित होने दो
पराश्रव्य और पराशब्द
संवेगों को,
इससे पहले कि
शब्द मेरे हों
हताश; निराश
तुम सुनो एक ‘शब्द’
शब्दों के बिना ।

37 टिप्‍पणियां:

  1. जज़्बात पर जज़्ज्बात की बाते हुई हैं
    शब्दों के बिन, प्यार की बाते हुई हैं।
    ..बहुत सुंदर।

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  2. इन अद्भुत गहरे भावों को बाटने का आभार

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  3. तुम सुनो एक शब्द शब्द के बिना .... वाह शानदार प्रस्तुति समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है

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  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. एक शब्द को सुनना शब्दों के बिना.

    बहुत ही बेहतरीन प्रयोग. सुंदर प्रस्तुति के लिये बधाई.

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  6. ''tum suno ek shabd shabdon ke bina, tum kaho ek shabd shabdon ke bina''...bahut sundar sahabd bhaav. shubhkaamnaayen.

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  7. कुंठित क्यों करना

    नैसर्गिक आवेगों को,

    प्रवाहित होने दो

    पराश्रव्य और पराशब्द

    संवेगों को,

    शब्दों के बिना संवाद ..बहुत खूबसूरत रचना ..

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  8. सुनो एक शब्द शब्दों की बिना .... इस पर टिप्पणी के लिए शब्द नहीं हैं

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  9. शब्दों के बगैर एक ख़त ...
    इसे पढ़ लिया तो फिर कोई मुश्किल नहीं

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  10. इससे पहले कि

    शब्द मेरे हों

    हताश; निराश

    तुम सुनो एक ‘शब्द’

    शब्दों के बिना ।
    Waah!

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  11. वाह! बहुत गहराई लिए हुए है यह रचना... अच्छी लगी...

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  12. कभी-कभी मौन शब्‍दों से अधिक मुखर होता है। अच्‍छी प्रस्‍तुति।

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  13. बहुत सुन्दर भाव शब्द में पिरोये हैं आपने ! बेहतरीन कविता !

    कृपया पधारें ।
    http://poetry-kavita.blogspot.com/2011/11/blog-post_06.html

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  14. शब्द शब्दों के बिना ... बहुत ही लाजवाब कल्पना है वर्मा जी ... अद्बुध गहरे भाव ...

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  15. शब्दों के बिना शब्द ...
    भावपूर्ण अभिव्यक्ति !

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  16. तुम लिखो एक खत शब्दों के बिना ।
    तुम सुनो एक ‘शब्द’ शब्दों के बिना ।
    बहुत खूब , सुंदर रचना ... शुभकामनाएँ

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  17. तुम लिखो एक खत शब्दों के बिना ।
    तुम सुनो एक ‘शब्द’ शब्दों के बिना ।
    बहुत खूब , सुंदर रचना ... शुभकामनाएँ

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  18. हमेशा की तरह गहरे भाव लिए रचना ।
    अति सुन्दर ।

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  19. बेहतरीन रचना के लिए बधाई भाई जी !
    अलग अंदाज़ है ...

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  20. शब्दों के बिना शब्द वाह । परावाणी से ही विचारों का आदान प्रदान । सुंदर रचना ।

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  21. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-694:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  22. वाह! जादू भरे शब्द पिरोयें हैं आपने!

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  23. बहुत सुन्दर भाव...सुंदर प्रस्तुति ...

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  24. kaash koi shabd hota
    mere paas bhi
    to zaroor likh deti yaha
    shabdon k bina...

    laajawaab...

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  25. तुम लिखो एक खत

    शब्दों के बिना ।

    .बहुत हि सुनदार रचना !

    शुभकामनाएं!

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