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हर नाले में कंकाल मिलेगा
हर जिस्म पर खाल मिलेगा
सच कहना है, कहो पर तय है
कितनों का फूला गाल मिलेगा
आम आदमी आतुर क्यूँ हो
तुमको तो बस सवाल मिलेगा
तन्दूरी संस्कृति है अब तो
बहुतों का खाली थाल मिलेगा
दुकान लुटाकर जश्न मनाओ
हर नुक्कड़ पर मॉल मिलेगा
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वीभत्स रस.
जवाब देंहटाएंतन्दूरी संस्कृति है अब तो
जवाब देंहटाएंबहुतों का खाली थाल मिलेगा,
Bahut Badhiya....Sundar rachana..Badhayi!!!
बहुत ही लाजवाब प्रस्तुति, बधाई ।
जवाब देंहटाएंकडवा यथार्थ है
जवाब देंहटाएंबहुत खूब
wakai bahut achi rachna hai
जवाब देंहटाएंअत्यंत कटु यथार्थ की रचना
जवाब देंहटाएंसभी शेर उत्तम
सच कहेंगे त गाल तो फूलेगा ही सच कदवा होता है सुन्दर रचना बहुत बहुत बधाई
जवाब देंहटाएंसही लिखा जी।
जवाब देंहटाएंआज के समय का सटीक चित्रण।
जवाब देंहटाएं-----
दुर्गा पूजा एवं दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
( Treasurer-S. T. )
हमने तो यूं ही शुरू कर दी थी ब्लोग्गिंग,
जवाब देंहटाएंकहां कब सोचा था, इत्ता यहां बवाल मिलेगा...
vartmaan sanskriti ko bakhoobi pesh kiya hai
जवाब देंहटाएंek katu satya ko ujagar karti rachna.
जवाब देंहटाएं"सच कहना है, कहो पर तय है
जवाब देंहटाएंकितनों का फूला गाल मिलेगा ।"
यथार्थ को पचा पाने का सामर्थ्य कितनो में है ?
बहुत खूब ।
सही तरशा है ।
आभार ।
बहुत उम्दा.....एक हम भी जोड़ना चाहेंगे
जवाब देंहटाएंउनको सपनों की मीठी दुनिया
हमको कड़वा यथार्थ मिलेगा ..
तन्दूरी संस्कृति है अब तो
जवाब देंहटाएंबहुतों का खाली थाल मिलेगा
hmmm! ek kadwi sachchai.....
यथार्थ की परतें खोलती एक और उम्दा ग़ज़ल...
जवाब देंहटाएंबेहतरीन...
बहुत ही कडुवी सच्चाई सामने रख दी आपने।
जवाब देंहटाएंआज के समाज का यथार्थपरक चित्रण । शब्दों की सुंदर जुगलबंदी ।
जवाब देंहटाएंदुकान लुटाकर जश्न मनाओ
हर नुक्कड़ पर मॉल मिलेगा
मॉल संस्कृति के आ जाने से कितने ही छोटे दुकानदारों के धंधे चौपट होते जा रहें हैं ।
जवाब देंहटाएंक्या जानता था कि वर्मा की ज़ज़्बातों में
इतना सच्चा रूखा चोखा माल मिलेगा
अतिरँजना कहीं कुछ अधिक तो नहीं हो गयी ?
डा० अमर कुमार जी
जवाब देंहटाएंसादर
आपने कहा है “अतिरँजना कहीं कुछ अधिक तो नहीं हो गयी ?”
विनम्र निवेदन है कि यदि हम नज़र उठाकर देखे तो यही सच्चाई है. शायद आपने “हर नाले में कंकाल मिलेगा” पंक्ति की ओर इंगित किया है. पर हम ‘निठारी कांड’ को क्यो भूल जाते है जहाँ नाले से ही सैकडो ‘नवजात’ के कंकाल बरामद हुए थे. सच कडवा है पर सच तो सच ही है.
सच कहना है, कहो पर तय है
जवाब देंहटाएंकितनों का फूला गाल मिलेगा..
ये तो सच है .......... सत्य बोलना आजकल एक जुर्म हो गया है .........
तन्दूरी संस्कृति है अब तो
बहुतों का खाली थाल मिलेगा...
बदलते समाज का चित्रण है ........... बहूत खूब लिखा है .....
आम आदमी आतुर क्यूँ हो
जवाब देंहटाएंतुमको तो बस सवाल मिलेगा
लाजवाब प्रस्तुति, बधाई!!
बहुत ही ख़ूबसूरत और शानदार रचना लिखा है आपने! विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें!
जवाब देंहटाएंsacchai ko darshatee rachana ! badhai
जवाब देंहटाएंआपकी लेखनी को सलाम! वाह! क्या लिखते हैं आप! बहुत खूब.
जवाब देंहटाएंजारी रहें. शुभकामनाएं.
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समाज और देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए व बहस में शामिल होने के लिए भाग लीजिये व लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] - होने वाली एक क्रान्ति!
दुकान लुटाकर जश्न मनाओ
जवाब देंहटाएंहर नुक्कड़ पर माल मिलेगा
--यह शेर बहुत अच्छा लगा।
Great post. Check my website on hindi stories at afsaana
जवाब देंहटाएं. Thanks!