बुधवार, 1 जुलाई 2009

मनचली है ---- ! !




बाहु ही नहीं हैं जो बाहुबली हैं
ऐसे फितरती तो गली-गली हैं


.
माली तैयार बैठे हैं तोड़ने को
खिलने को आतुर जो कली हैं


.
कल ही ब्याह कर आयी थी
देखिये वो आज अधजली है


.
श्वासों पर भी पहरा है उसके
जिसे कहते हैं नाज़ों पली है


.
हँस कर दो बोल वो बोली
सभी कहने लगे मनचली है


.


चित्र : साभार गूगल सर्च

18 टिप्‍पणियां:

  1. हँस कर दो बोल वो बोली
    सभी कहने लगे मनचली है
    कितने गहरे अर्थ दिये है आपने अपनी गजल मे.

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  2. श्वासों पर भी पहरा है उसके
    जिसे कहते हैं नाज़ों पली है
    khoobsurat sher. bahut khoobsurat

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  3. बहुत खूबसूरत गजल है मतले ने ख़ास आकर्षित किया
    वीनस केसरी

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  4. श्वासों पर भी पहरा है उसके
    जिसे कहते हैं नाज़ों पली है
    यही है बेटियों के जीवन की सच्चाई ।

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  5. बहुत खूबसूरत विचार हैं, जिन्हें आपने बहुत ही कलात्मकता से शब्दों का जामा पहना दिया है, बधाई।

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  6. श्वासों पर भी पहरा है उसके
    जिसे कहते हैं नाज़ों पली है
    bahut khoob..........

    kitani gambheer bat kahi hai...

    aapko dher saree badhayee

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  7. माली तैयार बैठे हैं तोड़ने को
    खिलने को आतुर जो कली

    ज़िन्दगी की तल्ख़ हकीकत को क्या खूब बयां किया है आपने इन दो मिसरों में ...वाह...लाजवाब वर्मा जी...वाह...
    नीरज

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  8. हुजूर वाह वाह पे मत जाईये !
    ब्लॉग की दुनिया में वाह वाह का मतलब
    समझना पड़ता है !

    आपकी पहले की उत्कृष्ट रचनाओं के मुकाबले
    इस रचना का स्तर काफी निम्न है !

    शुभकामनाएं !

    आज की आवाज

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  9. हँस कर दो बोल वो बोली
    सभी कहने लगे मनचली है

    वाह क्या बात है।

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  10. बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल लिखा है आपने कि मैं तो निशब्द हो गई पड़कर! इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए बधाई!

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  11. शायद हर किसी की सोच आपकी तरह हो तो वास्तव में ये कलियाँ हर घर को महकायें

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  12. कल ही व्याह कर आयी
    आज देखिये अधजली है
    हांम्स कर वो दो बोल बोली
    सभी कहने लगे मन्चली है
    बहुत खूब्सूरत अभिव्यक्ति है बधाई

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  13. [Photo]
    बाहु ही नहीं हैं जो बाहुबली हैं
    ऐसे फितरती तो गली-गली हैं .
    माली तैयार बैठे हैं तोड़ने को
    खिलने को आतुर जो कली हैं .
    कल ही ब्याह कर आयी थी
    देखिये वो आज अधजली है.
    श्वासों पर भी पहरा है उसके
    जिसे कहते हैं नाज़ों पली है .
    हँस कर दो बोल वो बोली
    सभी कहने लगे मनचली है .
    poori hi pankti itni sundar hai kisi ek ke saath nayaye nahi kar payi ,duvidha me poori likh di .umda gahare arth liye .

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