शुक्रवार, 12 जून 2009

तकलीफ में चिल्लाइये !!!!

दर्द को मत दबाइए मेरे भाई


तकलीफ में चिल्लाइये मेरे भाई




भूखे पेट कैसे लड़ोगे लड़ाई?


भरपेट दबाकर खाइए मेरे भाई




बहुत तनहा हो गया हूँ मैं तो


अब तो लौट आइये मेरे भाई




खामोशी है नगम-ऐ-आरजू में


टालिए मत अब गाइए मेरे भाई




डराने वाले दुम दबाकर भागेंगे


एक पत्थर तो उठाइए मेरे भाई



13 टिप्‍पणियां:

  1. वाह वाह क्या बात है! लाजवाब कविता लिखा है आपने! सच में तकलीफ के समय आवाज़ अपने आप ऊँची हो जाती है और हम उम्मीद करते हैं की कोई हमें सहारा देने आए!

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  2. अच्छी रचना, अच्छा प्रवाह।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.

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  3. prerna pradan karti rachana.
    डराने वाले दुम दबाकर भागेंगे
    एक पत्थर तो उठाइए मेरे भाई
    bahut achchhi lagi.

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  4. भूखे पेट कैसे लड़ोगे लड़ाई?
    sach hai ladai ladne ke liye pet to bharna hi padega.
    laazawab.

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  5. बेहतरीन प्रस्तुती मगर इतनी महंगाई मे कोई भर पेट कैसे खाये आभार्

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  6. umda baat
    umada alfaz
    umda kasaavat
    _____________umda ghazal
    _____________BADHAI.............

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  7. wah verma ji bahut khoob.

    pathakon se....

    itni umda rachna ke liye
    kuchh to tipiaiye mere bhai.

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  8. सभी शेर पसंद आये
    खूबसूरत गजल
    बहुत उम्दा किस्म के शेरों के लिये आपकी बधाई...

    वीनस केसरी

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  9. Hi Raaz,

    Thank You Very Much for sharing this great post.

    Health Care Facts | Health Facts | Alternative Natural Health Tips | Girnar

    -Thanks for sharing

    -Pallavi Joshi

    Senior Account

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